माइक्रोग्रीन्स क्या होता है, घर पर उगाने का आसान तरीका, माइक्रोग्रीन्स के फायदे
घर पर ट्रे में उगे ताज़े माइक्रोग्रीन्स — स्वाद और पोषण का बेहतरीन संगम।
माइक्रोग्रीन्स क्या होता है। जब मुझे इस माइक्रोग्रीन के बारे में पता नहीं था तब यह नाम मुझे कहीं ना कहीं बार बार सुनाई दिया जाता था, तब मुझे यह तक पता नहीं था कि यह कोई सब्जी का नाम है। फिर पता चला कि यह कोई सब्जी नहीं बल्कि विभिन्न प्रकार की सब्जियां है जो जड़ी-बूटीयो का काम करती है। जो अनाज के छोटे छोटे पौधे है जिसे अंकुरित कर उगाया जाता हैं।
जब मैने पहली बार इस माइक्रोग्रीन के बारे में सुना तो सोचा कि वाकई में माइक्रोग्रीन्स इतनी अच्छी होगी, क्या यह एक सुपर फूड कि तरह होगी।
एक दिन में अखबार पढ़ रहा था उस अखबार में मुझे एक आर्टिकल दिखा जो माइक्रोग्रीन के बारे में लिखा था और मुझे इस माइक्रोग्रीन्स के बारे मे जानकारी चाहिए थी कि आखिर यह माइक्रोग्रीन्स होती क्या है।
आजकल जहां देखो वहां माइक्रोग्रीन के बारे में चर्चा हो रही है। कोई इसे सुपर फूड कह रहा है तो कोई इसे न्यूट्रिशन का खजाना कहता है। लेकिन यह मिलेंगी कहा पर यह भी एक बड़ा सवाल था।
मैने माइक्रोग्रीन्स के बारे जो भी पढ़ा वह पढ़ने में तो काफी अच्छा लग रहा था लेकिन जब तक इस जानकारी के मुताबिक आप माइक्रोग्रीन्स उगा नहीं लेते तबतक आप इसे महसूस भी नहीं कर सकते कि आख़िर यह माइक्रोग्रीन्स होती क्या है।
लेकिन मैने सोचा कि इस माइक्रोग्रीन्स सब्जी को उगाने से पहले इसे एक बार खाना चाहिए मैंने अपने इलाके और आसपास देखा लेकिन कोई भी व्यक्ति या किसान इस माइक्रोग्रीन्स की सब्जी नहीं उगा रहा था। लेकिन मैने ठान लिया था पहले इस माइक्रोग्रीन सब्जी को खाऊंगा फिर इसे उगाऊंगा, लेकिन यह मेरा सपना ही रहा।
मुझे कहीं पर भी यह माइक्रोग्रीन्स सब्जी नहीं मिली, जब मुझे माइक्रोग्रीन्स सब्जी नहीं मिली तो मेरी उत्सुकता और भी बढ़ गई थी कि किसी भी तरह मुझे यह चाहिए।
मैने जो अखबार में पढ़ा था वह और मेरी जिज्ञासा मुझे माइक्रोग्रीन्स घर पर ही उगाने की और ले गई थी। इस माइक्रोग्रीन्स को मैने घर पर उगाया और यह माइक्रोग्रीन्स सब्जी जब तैयार हो गई तब मैने उसे दो अलग अलग तरीकों से बनाया और खाया तब मुझे पता चला कि यह तो स्वाद और सेहत का जबरदस्त संगम था।
माइक्रोग्रीन्स क्या है। जाने इसके फायदे और घर पर उगाने का तरीका
अगर यू कहूं तो माइक्रोग्रीन्स एक तरह की सब्जी है जो महज 10 या 21 दिनों की फसल है। और कुछ तो महज 7 दिन की होती है। अगर इसकी पत्तियों के बारे मे बात करें तो यह 1 इंच से 3 इंच तक की होती है। इसमें अलग अलग की किस्में होती है जिसका नाम कुछ इस तरह है।
(१) ब्रासिका परिवार (Brassica Family) सबसे लोकप्रिय
यह परिवार माइक्रोग्रीन्स के लिए सबसे ज्यादा लोकप्रिय है क्योंकि ये बहुत जल्दी उगते हैं और इनका स्वाद बहुत लाजवाब होता है:
- ब्रोकोली (Broccoli) – स्वास्थ्य लाभ और सल्फोराफेन के लिए सबसे प्रसिद्ध।
- सरसों (Mustard) – तीखा और चटपटा स्वाद।
- मूली (Radish) – तीखा, क्रंची और चटपटा स्वाद (जैसे लाल या सफेद मूली)।
- पत्तागोभी (Cabbage) – लाल या हरी पत्तागोभी।
- फूलगोभी (Cauliflower)
- केले/केल (बनाना)
- रॉकेट/अरुगुला (Arugula) – थोड़ा कड़वा और नटी (nutty) स्वाद।
(२) ऐस्टरेसी परिवार (Asteraceae Family)
- लेैट्यूस / सलाद पत्ता (Lettuce)
- सूरजमुखी (Sunflower Shoots) – बहुत क्रंची, हल्के मीठे और नटी स्वाद वाले।
- एंडाइव (Endive)
(३) एपियासी परिवार (Apiaceae Family)
- गाजर (Carrot)
- धनिया (Coriander/Cilantro) – बहुत ही ताज़ा और सुगंधित।
- सौंफ (Fennel)
- अजवाइन (Celery)
(४) अमरैंथेसी परिवार (Amaranthaceae Family)
- चौलाई / अमरनाथ (Amaranth) – यह गहरे लाल/गुलाबी रंग के सुंदर माइक्रोग्रीन्स होते हैं।
- पालक (Spinach)
- चुकंदर (Beetroot) – इनके तने चमकीले लाल-गुलाबी रंग के होते हैं, जो डिश को बहुत सुंदर लुक देते हैं।
(५) एलिएसी परिवार (Alliaceae Family)
- प्याज (Onion)
- लहसुन (Garlic)
- हरा प्याज (Leeks / Green Onions)
(६) लेग्यूम/दालें और अनाज (Legumes & Grains)
- मटर (Pea Shoots) – बहुत मीठे, क्रंची और लोकप्रिय।
- मूंग (Moong) – क्रंची और ताज़गी भरे।
- चना (Chickpeas/Gram)
- गेहूं के ज्वारे (Wheatgrass)
घर पर उगाने वाली सबसे बेस्ट माइक्रोग्रीन्स सरसों और मूंग, माइक्रोग्रीन्स उगाने की आसान रेसिपी (Step-by-Step Recipe to Grow)
💡ध्यान दें: कई लोग इसे स्प्राउट्स समझ लेते हैं, लेकिन माइक्रोग्रीन्स और स्प्राउट्स में अंतर होता है। स्प्राउट्स को सिर्फ पानी में उगाया जाता है और जड़ों के साथ खाया जाता है, जबकि माइक्रोग्रीन्स को मिट्टी या कोकोपीट में उगाकर केवल ऊपर का तना और पत्तियाँ काटी जाती हैं।
आवश्यक सामग्री (ingredients required):
- बीज: 2 चम्मच सरसों के बीज या मूंग (घर के किचन वाले)।
- ट्रे/पॉट: 2-3 इंच गहरी उथली प्लास्टिक ट्रे (नीचे छोटे छेद होने चाहिए)।
- मिट्टी/कोकोपीट: कोकोपीट (Cocopeat) या हल्की गमले की मिट्टी।
- पानी: एक स्प्रे बोतल (Spray Bottle)।
मैंने जिन सामग्री का प्रयोग किया था वह यह है।
कम जगह: इसे आप अपने किचन काउंटर या खिड़की की ग्रिल पर उगा सकते हैं।
- सरसों के बीज और मूंग दाने
- छोटासा लकड़ी का बास्केट
- कॉटन का कपड़ा
- पानी
उगाने की स्टेप-बाय-स्टेप विधि (directions):
- स्टेप 1 (तैयारी): यदि आप मूंग उगा रहे हैं, तो बीजों को 6-8 घंटे पानी में भिगो दें। (सरसों के बीजों को भिगोने की ज़रूरत नहीं होती)।
- स्टेप 2 (ट्रे तैयार करें): ट्रे में लगभग 1.5 से 2 इंच मोटी कोकोपीट या मिट्टी की परत बिछाएं और उसे हाथ से हल्का समतल (level) कर लें।
- स्टेप 3 (बीज बोएं): बीजों को मिट्टी के ऊपर पास-पास समान रूप से छिड़क दें। बीजों को बहुत गहराई में दबाना नहीं है।
- स्टेप 4 (पानी और ढकाव): स्प्रे बोतल से हल्का पानी छिड़कें। अब ट्रे को 2-3 दिनों के लिए किसी प्लेट या कार्डबोर्ड से ढक दें ताकि अंधेरे में बीज जल्दी अंकुरित (germinate) हो सकें।
- स्टेप 5 (रोशनी दें): 3rd या 4th दिन जब छोटे सफेद अंकुर दिखने लगें, तो ढक्कन हटा दें और ट्रे को ऐसी जगह रखें जहाँ हल्की प्राकृतिक रोशनी (खिड़की के पास) आती हो।
- स्टेप 6 (देखभाल): रोज़ाना सुबह-शाम स्प्रे बोतल से हल्का पानी छिड़कें। मिट्टी में नमी बनी रहनी चाहिए, लेकिन ज़्यादा पानी न भरें।
- स्टेप 7 (कटाई): 10 से 12 दिनों में जब हरे पौधे 2-3 इंच लंबे हो जाएं और पहली दो पत्तियाँ पूरी तरह खुल जाएं, तो कैंची की मदद से मिट्टी के ठीक ऊपर से काट लें!
मेरा तरीका कुछ इस तरह था।
- सबसे पहले मैंने मूंग के दानों को रात भर पानी में भिगोकर रखा था और दूसरे दिन सारा पानी निकाल दिया।
- लकड़ीके बास्केट में कॉटन का कपड़ा पानी में भिगोकर रखा गया और फिर मूंग दाने इस में अच्छी तरह फैला दिया
- फिर उसी कॉटन के कपड़े से अच्छी तरह मूंग दाने को लपेट लिया गया और दो दिन तक घर में किचन में रखा गया
- तीसरे दिन बास्केट के ऊपर लगाया कपड़ा खोलकर धूप में रखा गया
- तीन चार दिन में हल्का सा गोल्डन रंग का पौधा अंकुरित होने लगा
- तब थोड़ा थोड़ा पानी उस पर छिड़का क्योंकि नमी बनाई रखनी जरूरी होती है।
- रोजाना यह प्रक्रिया करने के 10 से 15 दिनों बाद ग्रीन कलर की सब्जी धीरे धीरे तैयार हो रही थी
- और 20 से 25 दिनों में माइक्रोग्रीन्स खाने के लिए तैयार हो चुकी
- सरसों भी इसी तरह 21 दिनों में माइक्रोग्रीन्स खाने के लिए तैयार हो गई।
सलाह: जितनी माइक्रोग्रीन्स की जरूरत है उतनी ही सब्जियां उगाए 10 से 15 दिनों में माइक्रोग्रीन्स सब्जियां खाने के हिसाब से तैयार हो जाती है।
माइक्रोग्रीन्स के मुख्य स्वास्थ्य लाभ (Health Benefits)
माइक्रोग्रीन्स क्या हैं? (What are Microgreens?)
सरल शब्दों में कहें तो, माइक्रोग्रीन्स सब्जियों और हर्ब्स के नन्हे-मुन्ने पौधे होते हैं। जब बीज अंकुरित होने के बाद अपनी पहली दो पत्तियाँ निकालता है (लगभग 7 से 14 दिनों के भीतर), तब इन्हें काट लिया जाता है। इसे खाने क्या होता है। मैने जो अखबार में पढ़ा था उस हिसाब से
- सघन पोषण: माइक्रोग्रीन्स में बड़े पौधों की तुलना में 4 से 40 गुना अधिक विटामिन (C, E, K) और एंटी-ऑक्सीडेंट्स होते हैं।
- पाचन में आसान: ताज़े और केमिकल-फ्री होने के कारण यह पेट के लिए बहुत हल्के और पचाने में बेहद आसान होते हैं।
- इम्यूनिटी और हार्ट हेल्थ: इनमें मौजूद पॉलीफेनॉल्स (Polyphenols) शरीर की सूजन कम करने और बीमारियों से बचाने में मदद करते हैं। जैसे कि हृदय रोग, डायबिटीज और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के खतरे को कम करने में मदद करते हैं। विशेष रूप से ब्रोकोली माइक्रोग्रीन्स के फायदे बहुत प्रसिद्ध हैं, क्योंकि इनमें सल्फोराफेन होता है जो शरीर में सूजन (inflammation) को कम करता है।
माइक्रोग्रीन्स कैसे खाया जाता है। मूंग और सरसों दोनों का ही कॉम्बिनेशन ज़बरदस्त है!
- सरसों (mustard): इसका तीखा और चटपटा स्वाद खाने में एक अलग ही किक देता है। सैंडविच, पोहा या पराठे के ऊपर डालकर खाने में यह बहुत ही स्वादिष्ट लगता है।
- मूंग (Moong): मूंग के माइक्रोग्रीन्स एकदम क्रंची, हल्के मीठे और पचाने में बहुत आसान होते हैं। इन्हें सलाद में या हल्का-सा चाट मसाला छिड़क कर खाने का मज़ा ही अलग है!
निष्कर्ष (Conclusion):
संक्षेप में कहें तो, माइक्रोग्रीन्स क्या हैं और माइक्रोग्रीन्स में क्या खास है, यह जानने के बाद यह साफ है कि ये छोटे पौधे पोषण का असली खजाना हैं। बड़े पौधों की तुलना में कई गुना अधिक न्यूट्रिशन देने वाले इन पौधों के अनगिनत माइक्रोग्रीन्स के फायदे हैं, जो आपकी इम्यूनिटी बढ़ाने और सेहत को बेहतर बनाने में मदद करते हैं।
सबसे अच्छी बात यह है कि घर पर माइक्रोग्रीन्स उगाने का तरीका बेहद आसान है—आप रसोई में मौजूद मूंग या सरसों के बीजों से मात्र 10-12 दिनों में अपनी केमिकल-फ्री फसल तैयार कर सकते हैं।
खुद उगाकर खाने का अनुभव और स्वाद वाकई में लाजवाब होता है।
यदि आप बिना किसी बड़ी मेहनत के अपनी रोज़ाना की डाइट में पोषण बढ़ाना चाहते हैं, तो माइक्रोग्रीन्स के स्वास्थ्य लाभ पाने के लिए इसे आज ही अपनी डाइट में शामिल करें और एक सेहतमंद जीवन की ओर कदम बढ़ाएं!
अस्वीकरण (Disclaimer):
इस ब्लॉग पोस्ट में माइक्रोग्रीन्स क्या हैं, उनके स्वास्थ्य लाभ और उन्हें उगाने के तरीकों के बारे में दी गई जानकारी केवल सामान्य जागरूकता और शैक्षणिक (Educational) उद्देश्यों के लिए है। यद्यपि माइक्रोग्रीन्स के फायदे और पोषण संबंधी तथ्य सामान्य अध्ययनों पर आधारित हैं, लेकिन यह किसी भी प्रकार की चिकित्सीय सलाह (Medical Advice), निदान या उपचार का विकल्प नहीं है।
यदि आपको किसी विशेष खाद्य पदार्थ या सब्जी से एलर्जी है, या आप किसी बीमारी का इलाज करा रहे हैं, तो अपनी डाइट में बदलाव करने से पहले किसी योग्य डॉक्टर या आहार विशेषज्ञ (Dietitian) से परामर्श अवश्य लें। इसके अलावा, घर पर माइक्रोग्रीन्स उगाते समय साफ पानी, स्वच्छ ट्रे और सही बीजों का उपयोग करें ताकि फफूंद (Mold) या बैक्टीरिया के संक्रमण से बचा जा सके।


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